सीएम से मांग की, एसडीएम, तहसीलदार व थानाध्यक्ष को तुरंत हटाया जाए
गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के पोखरी विकास खंड के देवस्थान के निकट गोदी बैंड के पास नखोलियाणा के अनुसूचित जाति के लोगों के अतिक्रमण को हटाये जाने के विरोध में सोमवार को मूल निवासी संघ चमोली ने जिलाधिकारी चमोली के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मूल निवासी संघ ने आरोप लगाया कि कतिपय अधिकारियों की ओर से जातिगत मानसिंकता के चलते दलिप परिवारों के आशियाने तोड़कर उन पर पत्थराव किये जाने का आरोप लगाया है। मांग की है कि पोखरी के एसडीएम, तहसीलदार व थानाध्यक्ष को हटाकर मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।
मूल निवासी संघ चमोली की जिलाध्यक्ष पुष्पा कोहली का कहना है कि पोखरी में नखोलियाणा गांव में 95 अनुसूचित जाति के परिवार निवास करते है। उनमें से कई परिवार काफी दयनीय हाल में है। जिनके पास न तो अपने पक्के मकान है और ना ही जमीन है। इन्हीं लोगों की ओर से बंजर भूमि पर अपने बच्चों के सर ढकने के लिए आशियाने बनाये जा रहे थे लेकिन कुछ सवर्ण मानसिंकता के लोगों को यह रास नहीं आया और उन्होंने प्रशासन के साथ मिलकर इनके मकानों को ध्वस्त कर दिया। जबकि पोखरी में ही कई ऐसे दबंग लोगों के भी अतिक्रमण है जिन पर कभी भी प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की है। इससे साफ जाहिर है कि सवर्ण मानसिंकता से ग्रसित लोगों ने यह कुचक्ररच कर दलित परिवारों को बेघर करने की साजिस रची है। जिसका मूल निवासी संघ विरोध करता है। और मांग करता हे कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसडीएम, तहसीलदार व थानाध्यक्ष को तत्काल हटाया जाए। ताकि जांच में किसी प्रकार की कोई अड़चन न पैदा न हो।
