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posted on : July 13, 2026 3:08 pm

देहरादून। भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) उत्तराखंड ने भारतनेट परियोजना के तहत स्थानीय युवाओं, उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों, फर्मों और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को भारतनेट उद्यमी  बनने के लिए आमंत्रित किया है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड सेवाओं का विस्तार करना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करना है।

बीएसएनएल के अनुसार भारतनेट परियोजना के तहत ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के माध्यम से ग्राम पंचायतों और गांवों तक तेज इंटरनेट सुविधा पहुंचाई जा रही है। चयनित भागीदार ग्रामीण क्षेत्रों में एफटीटीएच (फाइबर-टू-द-होम) ब्रॉडबैंड कनेक्शन की स्थापना, प्रोविजनिंग और रखरखाव का कार्य करेंगे। उपभोक्ताओं से प्राप्त राजस्व में बीएसएनएल और भागीदार के बीच 50:50 के राजस्व साझाकरण मॉडल के तहत हिस्सा मिलेगा।

विभाग के मुताबिक भारतनेट नेटवर्क 700 जीबी मासिक डेटा के साथ 25 एमबीपीएस तक की ब्रॉडबैंड स्पीड उपलब्ध कराने में सक्षम है। उत्तराखंड में अब तक करीब 3,000 ग्राम पंचायतों को जोड़ा जा चुका है और लगभग 12,000 किमी ऑप्टिकल फाइबर बिछाई गई है। इस नेटवर्क के माध्यम से इंटरनेट, टीवी और फिक्स्ड फोन जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

बीएसएनएल ने बताया कि भारतनेट उद्यमी बनने के लिए संचालन के स्तर के अनुसार लगभग 50 हजार से एक लाख रुपये तक के शुरुआती निवेश की आवश्यकता हो सकती है। इसके लिए उत्तराखंड सरकार से प्रारंभिक निवेश पर सब्सिडी उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया गया है।

इच्छुक अभ्यर्थी बीएसएनएल की वेबसाइट  अथवा भारतनेट उद्यमी पंजीकरण पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। बीएसएनएल ने युवाओं और स्थानीय उद्यमियों से इस योजना का लाभ उठाकर ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने और स्थायी आय का स्रोत विकसित करने की अपील की है।

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