गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले में उपभोक्ताओं को बेहतर संचार सेवा के लिये बीएसएनएल की ओर से फाइबर टू द होम (एफटीटीएच) सेवा को एक माह पूर्व संचालन शुरु किया गया। लेकिन बीएसएनएल की ओर से सेवा को निजी सेवा प्रदाताओं को देने के बाद भी उपभोक्ताओं को सुचारु सेवा नहीं मिल पा रही है। ऐसे में बेहतर संचार सेवा के सरकारी दावे हकीकत में जमीन पर नहीं उतर पा रहे हैं।
चमोली जिले में इंटरनेट की ब्राडबैंड सेवा के लिये अधिकतर उपभोक्ता बीएसएनएल पर निर्भर हैं। लेकिन यहां बीएसएनएल की संचार सेवा को सुचारु रखना कम्पनी के लिये सिरदर्द बना हुआ है। बीते माह कम्पनी ने सेवा को बेहतर करने की मंशा से जिले में एफटीटीएच सेवा का संचालन शुरु किया। जिसके बाद यहां उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा के लिये निजी सेवा प्रदाताओं से कनेक्शन के लिये कहा गया। लेकिन एक माह गुजर जाने के बाद भी सेवा का सुचारु संचालन नहीं हो सका है। स्थानीय निवासी भूपेंद्र सिंह और मंयक कुमार का कहना है कि हमारे व्यापार के लिये संचार सुविधा आवश्यक है। ऐसे में बेहतर सेवा के लिये एफटीटीएच कनेक्शन लिया। लेकिन एक माह में महज 12 दिन ही सेवा का संचालन हो सका है। ऐसे में उभोक्ता को जहां संचार सुविधा के लिये अन्य कम्पनियों की सेवा लेनी पड़ रही है। वहीं आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
बदरीनाथ हाईवे पर चार धाम सड़क योजना के तहत चल रहे हिल कटिंग कार्य के चलते बार-बार निर्माण एजेंसियों की ओर से ओएफसी क्षतिग्रस्त की जा रही है। जिससे सुचारु संचार सेवा बाधित हो रही है। जिसके लिये एनएचआईडीसीएल के साथ ही शासन और प्रशासन के उच्चाधिकारियों को जानकारी दी गई है। वहीं ओएफसी के क्षतिग्रस्त होने पर संयोजन का कार्य किया जा रहा है।
जगदीश सिंह रावत, एजीएम, बीएसएनएल, श्रीनगर।
