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posted on : July 22, 2023 7:58 pm

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली कस्बे में लगे नमामि गंगे के सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में हुई भीषण दुर्घटना में विद्युत उपकरणों के संचालन में घोर लापरवाही करने वाले तीन आरोपितों को चमोली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

घटना के आरोपितों को गिरफ्तार करने के बाद शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए पुलिस अधीक्षक चमोली प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि बीते 18 जुलाई की रात्रि को पुराने चमोली बाजार में नमामि गंगे के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में ड्यूटीरत ऑपरेटर गणेश का शव 19 जुलाई को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के बाहर सीढियों के पास पड़ा हुआ मिला। सूचना पर थाना चमोली से चैकी प्रभारी पीपलकोटी उप निरीक्षक प्रदीप रावत, अपर उप निरीक्षक रामेश्वर प्रसाद भट्ट, होमगार्ड गोपाल, होमगार्ड मुकुन्दी लाल, पीआरडी रामचन्द्र पंचायतनामा की कार्यवाही के लिए घटनास्थल पर पहुंचे थे। प्रथम दृष्टया ऑपेरटर की मृत्यु बिजली के करंट लगने के कारण होना प्रतीत हो रहा था।

उन्होंने बताया कि पूरे परिसर में करंट फैले होने की आशंका के तहत पुलिस बल की ओर से परिसर में प्रवेश नहीं किया गया। साथ ही विद्युत उपखण्ड कोठियालसैंण में संविदा पर तैनात लाईनमैन सैन सिंह की ओर से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट परिसर में करंट न होने की पुष्टि करने के पश्चात ही पंचायतनामे की कार्यवाही के लिए उप निरीक्षक प्रदीप रावत पुलिस फोर्स के साथ एसटीपी परिसर में प्रवेश किया गया। इस दौरान वहां मृतक गणेश के शव को न उठाने और मृतक के परिजनों को तत्काल मुआवजा दिए जाने को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीणो के साथ स्थानीय निवासी जमा हो गये, मौके पर मौजूद पुलिस बल की ओर से लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया जा रहा था। 

एसपी ने बताया कि इस दौरान लाईनमैन सैन सिंह, सतेन्द्र, गोपाल की ओर से निजमुला-कोठियालसैंण विद्युत लाईन में अल्कापुरी के पास आये फाल्ट को ठीक करने के पश्चात लाईनमैन सैन सिंह की ओर से लाइनमैन महेन्द्र सिंह को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में एक व्यक्ति के मृत पड़े होने की सूचना दी गयी। लेकिन महेन्द्र सिंह की ओर से इस पर कोई सावधानीपूर्वक विचार नहीं किया और फॉल्ट मिलने पर समय 11ः12 बजे सब स्टेशन कोठियालसैंण से शटडाउन लिया तथा फॉल्ट ठीक करने पर बिना किसी जांच पडताल के समय लगभग 11ः25 बजे शटडाउन वापस ले लिया जिससे एसटीपी प्लांट पर करंट बढ गया और खुली हुयी लाईन एवं चेंज ओवर में धमाके के साथ चारों तरफ करंट फैल गया जिससे वहां अफरा-तफरी फैल गयी और लोग एक दूसरे पर करंट लगने से गिर गये। जिसके पश्चात लगभग 11ः29 बजे पुलिस के हस्तक्षेप से लाईट बंद करायी गयी और घायलों को स्थानीय पुलिस तथा प्रशासन की ओर से जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचाया गया जिसमें उपनिरीक्षक प्रदीप रावत, तीन होमगार्ड्स सहित कुल 16 लोगों की मृत्यु हो गयी और 11 व्यक्ति घायल हुए।

उन्होंने बताया कि 20 जुलाई को कोतवाली चमोली पर क्षेत्रीय पटवारी नीरज स्वरूप की ओर से दी गयी तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली चमोली पर मुकदमा पंजीकृत किया गया है। अभियोग की विवेचना प्रभारी निरीक्षक कोतवाली चमोली कुलदीप रावत की ओर से की जा रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक चमोली ने घटना के खुलासे और वास्तविक अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए क्षेत्राधिकारी चमोली प्रमोद कुमार शाह के नेतृत्व में तीन टीमों का गठन कर ट्रीटमेंट प्लांट के संचालन में विद्युत उपकरण सुरक्षा मानकों, अनुबंध की शर्तों विद्युत सुरक्षा प्रमाणपत्र आदि बिंदुओं पर गहराई से विवेचना करने के निर्देश दिए ।

एसपी ने बताया कि विवेचना के दौरान विद्युत सुरक्षा विभाग, जल संस्थान के अधिकारियों से वार्ता और घटना स्थल के निरीक्षण से इस बात की पुष्टि हुयी कि एसटीपी प्लांट को चलाने वाली ज्वांइट वेंचर कम्पनी जयभूषण कंपनी और कॉन्फिडेंट इंजीनियरिंग इण्डिया प्राईवेट लिमिलेट की ओर से नियुक्त सुपरवाईजर पवन चमोला तथा प्लांट के संचालन को देख रहे जल संस्थान के प्रभारी सहायक अभियन्ता हरदेव लाल आर्य तथा ज्वाइंट वेंचर कम्पनी के स्वामियों एवं अधिकारियों ने खतरनाक विद्युत उपकरणों के संचालन में घोर लापरवाही बरती और सुरक्षा मानकों के विपरीत चेंज ओवर को बॉक्स के ऊपर रखा और इस प्रकार पूरे सीवर ट्रीटमेंट प्लांट को टीनशैड एवं विद्युत सुचालक लौह धातु से बनी संरचना में इस प्रकार चलाया जा रहा था जिससे 19 जुलाई को करंट लीक होने से जघन्य अपराध मानव वध की घटना घटित हुयी। उन्होंने बताया कि विवेचना में एसटीपी प्लांट के संचालन एवं सुपुर्दगी के अनुबंध में गंभीर अनियमितताएं पायी गयी हैं। जिस पर पुलिस टीम की ओर से त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में संलिप्त तीन अभियुक्तों को शुक्रवार 21 जुलाई को बाद कडी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया। घटना में संलिप्त ज्वांइट वेंचर के स्वामी एवं प्रोजेक्ट मैंनेजर एवं अन्य संलिप्त व्यक्तियों के संबंध में विवेचना और साक्ष्य एकत्र किये जा रहे है। बताया कि पुलिस की ओर से बनायी गई टीम में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली चमोली कुलदीप रावत, वरिष्ठ उप निरीक्षक कुलदीप सिंह, लक्ष्मण सिंह, गजेंद्र सिंह, विमल सिंह, शैलेंद्र सिंह, बनवीर सिंह, जगमोहन सिंह शामिल थे।

गिरफ्तार आरोपित

पवन चमोला पुत्र बुद्धि बल्लभ चमोला, निवासी ग्राम छैकुडा थाना थराली जनपद चमोली (सुपरवाईजर ज्वांइट वेंचर कम्पनी)

महेन्द्र सिंह जयपाल सिंह निवासी ग्राम कुहेड थाना व जिला चमोली (लाईनमैन उपखंड विद्युत विभाग)

हरदेव लाल आर्य पुत्र जतनी लाल निवासी ग्रमा इडक पोओ गडोली तहसील बडकोट जिला उत्तरकाशी (प्रभारी सहायक अभियन्ता उत्तराखण्ड जल संस्थान गोपेश्वर चमोली)

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