शेयर करें !
posted on : July 5, 2023 4:47 pm

गोपेश्वर (चमोली)। गोपीनाथ मंदिर के दक्षिण भाग में हो रहे झुकाव को लेकर गोपेश्वरवासियों ने बुधवार को एक ज्ञापन जिलाधिकारी चमोली को सौंपते हुए इसके संरक्षण को लेकर पुरातत्वविदों की देखरेख में जांच किये जाने की मांग की है।

गोपेश्वर गांव निवासी हरीश भट्ट, पूर्व पालिका अध्यक्ष संदीप रावत, संजय कुमार, दीपक भट्ट, मनीष नेगी, सुधीर तिवारी आदि का कहना है कि गोपीनाथ मंदिर के गुंबद आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने से मंदिर के दक्षिण भाग में झुकाव आ गया जिससे निकट भविष्य में खतरे की संभावना बनी हुई है। साथ मंदिर के गर्भगृह में देवस्नान और जलाभिषेक के रूप में उपयोग में लाये जाने वाले जल की निकासी बाधित होने के कारण शिवलिंग और जलेरी पर भूधंसाव होने जलेरी अपने मूल स्थान से नीचे की ओर धंस रही है।  उनका यह भी कहना है कि पुरातत्व विभाग की ओर से जो भी अनुरक्षण और नव निर्माण कराये जा रहे है वह कार्य पुरातत्व विदो की देखरेख में नहीं करवाये जाते है। जिससे इन कार्यों में काफी खामियां देखने को मिल  रही है। उनका यह भी आरोप है कि पूर्व में नमामि गंगे परियोजना के तहत गोपेश्वर मंदिर परिसर से वैतरीण मार्ग तक सीवर लाईन बिछायी गई थी जो मानको पर सही न होने के कारण सीवरेज के पानी रिसाव मंदिर परिसर में हो रहा है। जिसका प्रभाव मंदिर के गर्भगृह तक देखा जा रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की कि मंदिर के संरक्षण के लिए पुरातत्व विदों की देखरेख में एक टीम बनायी जाए और मंदिर का निरीक्षण करवाया जाय ताकि इसका संरक्षण हो सके।

हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें
शेयर करें !

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!