गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले में जहां वनाग्नि से खाली हो चुकी चट्टानों से छिटकते पत्थर अब दुर्घटनाओं को न्यौता देने लगे हैं। यहां वनाग्नि से जहां चट्टानों पर उगी घास और पौधे जल कर खाक हो गये हैं। वहीं रुखी चट्टानों से पत्थरों के छिटकने का सिलसिला शुरु हो गया है। यहां बंदरों, लंगूरों और वन्य जीवों की आवाजाही करने पर बड़े पत्थर भी सड़कों और पैदल रास्तों पर आ रहे हैं। जिससे जिले के पैदल रास्तों और सड़क पर आम लोगों की आवाजाही खतरनाक बनी हुई है। जिले के चमोली कस्बे में बदरीनाथ हाईवे के ऊपरी हिस्से में जंगल में लगी आग के बुझने के बाद अब यहां रह-रह कर पत्थरों के गिरने का सिलसिला शुरु हो गया है। ऐसे में यहां बनाई पार्किंग में वाहनों के खड़े करने पर दुर्घटनाओं की सम्भावना को देखते हुए वाहन स्वामियों द्वारा यहां से वाहन हटा लिये गये हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी चट्टानी हिस्से पर आग के बुझने के बाद पैदल आवाजाही खतरनाक बनी हुई है।
