गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के नारायणबगड़, जोशीमठ और कर्णप्रयाग ब्लॉक में तैनात 159 अतिथि शिक्षकों ने जनवरी माह के वेतन आहरण की मांग उठाई है। मामले में अतिथि शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि विभाग की ओर से जहां जिले के छह ब्लॉकों में तैनात शिक्षकों को पूरे जनवरी माह का वेतन दिया गया है। वहीं तीन ब्लॉकों में 13 दिनों के शीतकालीन अवकाश का हवाला देते हुए वेतन काट दिया गया है। ऐसे में एक ही विभाग और शासनादेश से तैनात शिक्षकों के लिये अलग-अलग मानकों से वेतन भुगतान विभागीय कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।
अतिथि शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष नरेंद्र सिंह और भाकपा माले नेता इंद्रेश मैखुरी ने बताया कि सरकार की ओर से प्रशिक्षित बेरोजगारों को 15 हजार के न्यूनतम मानदेय पर तैनाती दी गई है। उस पर भी शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन अवकाश के नाम पर वेतन कटौती की जा रही है। जो प्रशिक्षित बेरोजगारों को लेकर सरकार की कार्य प्रणाली को स्पष्ट कर रहा हैं उन्होंने बताया विभाग की ओर से जहां जिले के तीन ब्लॉकों में जनवरी माह के 13 दिनों की वेतन शीतकालीन अवकाश का हवाला देते हुए काटी गई है। वहीं वर्ष 2020 के जून माह का सम्पूर्ण जिले में तैनाती अतिथि शिक्षकों का एक माह के वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। नरेंद्र सिंह का कहना है कि ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन अवकाश सरकार और विभाग की ओर से प्रदत्त है। साथ ही नियमित शिक्षकों दोनों अवकाश पर वेतन भुगतान किया जाता है। ऐसे में न्यूनतम मानदेय पर कार्य कर रहे अतिथि शिक्षकों के वेतन कटौती न्यायोचित नहीं है।
इधर, मुख्य शिक्षा अधिकारी एलएम चमोला का कहना है मामले में खंड शिक्षा अधिकारियों को जनवरी माह के 13 दिनों के वेतन आहरण के निर्देश दिये गये हैं। यदि खंड शिक्षा अधिकारियों की ओर से कार्रवाई नहीं की गई है तो इसे दिखवाया जाएगा और तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
