देवभूमि उत्तराखंड - वित्तीय प्रबंधन में श्रेष्ठ प्रदर्शन
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posted on : September 17, 2026 5:51 pm

गोपेश्वर (चमोली)। जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार डिमरी ने यूआईआईटीबी को लेकर प्रदेश सरकार पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूआईआईटीबी की आड़ में सरकारी जमीनों और बेशकीमती संपत्तियों को लीज पर देने का रास्ता तैयार किया जा रहा है। डिमरी के मुताबिक निरीक्षण भवनों और पर्यटन आवासों समेत सरकारी विभागों की महत्वपूर्ण संपत्तियों को भी इस प्रक्रिया में शामिल किए जाने की तैयारी है।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए डिमरी ने सवाल उठाया कि दशकों से सरकारी उपयोग में आ रहे निरीक्षण भवन और पर्यटन आवास आखिर किस आधार पर निजी हाथों को लीज पर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि किन-किन संपत्तियों को चिह्नित किया गया है, उनका बाजार मूल्य कितना है, लीज कितने वर्षों के लिए होगी और इससे सरकारी खजाने को कितना राजस्व मिलेगा।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि यूआईआईटीबी के नाम पर सरकारी जमीनों और संपत्तियों को बाजार आधारित उपयोग में लाने की कवायद की जा रही है। उन्होंने आशंका जताई कि इस प्रक्रिया के जरिए सरकारी जमीनों की खरीद-फरोख्त और संपत्तियों के व्यावसायिक दोहन का रास्ता खुल सकता है।

उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्ति किसी व्यक्ति, संस्था या सरकार की निजी मिल्कियत नहीं, बल्कि जनता की संपत्ति है। इसलिए इसके हस्तांतरण, लीज या व्यावसायिक उपयोग से जुड़ा प्रत्येक निर्णय सार्वजनिक होना चाहिए। डिमरी ने सरकार से यूआईआईटीबी के तहत प्रस्तावित सभी संपत्तियों की सूची, मूल्यांकन रिपोर्ट और लीज की शर्तें सार्वजनिक करने की मांग की।

डिमरी ने कहा कि कांग्रेस सरकारी संपत्तियों को लेकर किसी भी अपारदर्शी प्रक्रिया को चुपचाप स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सवाल पूछने वालों को जवाब देने के बजाय दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन और संपत्तियों के संबंध में लिए जा रहे फैसलों का पूरा हिसाब जनता के सामने रखना सरकार की जिम्मेदारी है।

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