गोपेश्वर (चमोली)। एक महीने पहले अलकनंदा नदी किनारे मिले अज्ञात शव के सनसनीखेज हत्याकांड का चमोली पुलिस ने खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि महज 10 हजार की उधारी और सार्वजनिक अपमान इस हत्या की वजह बना। घटना के अनावरण पर गढ़वाल परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक ने पुलिस टीम को पांच हजार का ईनाम भी दिया गया है।
बीते माह की 10 मार्च को लंगासू क्षेत्र में चंडिका माता मंदिर के नीचे नदी किनारे एक शव मिला था। जिसके हाथ-पैर बंधे थे। पहचान न होने पर पुलिस ने फिंगरप्रिंट और अन्य साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू की। मृतक के हाथ पर लिखे नाम के आधार पर जांच आगे बढ़ी।
बाद में सोशल मीडिया के जरिए मृतक की पहचान सूरज पुरोहित निवासी बमोथ (गौचर) के रूप में हुई। पत्नी की तहरीर पर मामला दर्ज कर एसआईटी और एसओजी की संयुक्त टीम ने जांच तेज की।
जांच में सामने आया कि सूरज पुरोहित नंदप्रयाग में रहकर काम कर रहा था और नरेन्द्र सिंह तोपाल के संपर्क में था। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी को शव को कार में ले जाते हुए देखा गया। सख्ती से पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल कर ली।
आरोपी ने बताया कि उसने उधार लिए पैसे को लेकर हो रहे विवाद और कथित अपमान से तंग आकर 16 फरवरी की रात सूरज की हत्या कर दी और शव को अलकनंदा नदी में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त कार और रस्सी बरामद की है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
अपराध एवं कानून व्यवस्था अपर पुलिस महानिदेशक ने पुलिस टीम के उत्कृष्ट कार्य की प्रशंसा करते हुए घटना के अनावरण को पुलिस की तत्परता एवं पेशेवर दक्षता का बेहतर उदाहरण बताया है। प्रकरण के सफल अनावरण पर पुलिस महानिरीक्षक गढवाल परिक्षेत्र ने पुलिस टीम के उत्कृष्ट कार्य की प्रशंसा करते हुए टीम को उत्साहवर्धन स्वरूप पांच हजार का पारितोषिक प्रदान किया है।
