थराली (चमोली)। चमोली जिले के पिंडर घाटी के तीन विकास खंडों में पांच दिनों से विद्युत आपूर्ति बाधित चल रही है। मानसून आने से पहले हुई वर्षा ने प्रशासन की मानसून को लेकर की गई तैयारियों की पोल खोल कर रख दी है। हालांकि विद्युत विभाग के कर्मचारी विद्युत लाइनों को जोड़ने में जुटे है लेकिन पांच दिन बाद भी विद्युत आपूर्ति बहाल न होना एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।
बता दें कि चमोली जिले में 18 जून से तीन दिन तक लगातार हुई भारी वर्षा के कारण पिंडर घाटी के थराली, नारायणबगड व देवाल की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई थी जो मंगलवार को पांचवें दिन भी बहाल नहीं हो पायी है। अमसौड़ में लगातार हो रहे भूस्खलन से बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गये है, वहीं पंती के समीप भी बिजली के खंभे गिरने से विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी, लेकिन विद्युत विभाग मंगलवार को पांचवे दिन तक भी पिण्डरघाटी में विद्युत आपूर्ति को बहाल नहीं कर पाया है। पिंडर घाटी में बिजली न होने के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। चार दिनों से पिंडर घाटी के लोग बिना बिजली से रात गुजारे को मजबूर है। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य बैनोली नरेंद्र सिंह राणा, सीएससी संचालक प्रमोद जोशी, भगत नेगी का कहना है कि पांच दिनों से विद्युत आपूर्ति ठप होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ है। एक ओर भारी वर्षा के चलते हो रहे भूस्खलन के कारण लोग डरे सहमें है वहीं बिजली न होने के कारण लोगों की परेशानी और भी बढ़ गई है। यदि रातों को कोई आपदा आ जाती है तो लोग अंधेरे में अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भी नहीं जा सकते है। उन्होंने कहा कि विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के मोबाइल फोन भी बंद आ रहे है ऐसे में विद्युत आपूर्ति बहाल होने से सही-सही सूचना भी नहीं मिल पा रही है। उन्होंने जिला प्रशासन से अविलंब विद्युत आपूर्ति सुचारू करवाने की मांग की है।
क्षतिग्रस्त विद्युत लाइन को जोड़ने का कार्य चल रहा है। कई स्थानों पर विद्युत पोल टूटने कारण इन्हें ठीक किया जा रहा है। जल्द ही क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जायेगी।
हेमंत चमोली, अवर अभियंता विद्युत वितरण खंड थराली।
