गोपेश्वर (चमोली)। जिला पंचायत चमोली की बैठक में अध्यक्ष रजनी भण्डारी ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान करना हमारी प्राथमिकता है। विभागीय योजनाओं को जन जन तक पहुंचाने के लिए जनप्रतिनिधियों एवं विभागीय अधिकारियों में बेहतर तालमेल होना आवश्यक है।
शुक्रवार को आयोजित बैठक में जिसमें विभागीय योजनाओं व मूलभूत समस्याओं पर गहनता से चर्चा की गई। इस दौरान जिला पंचायत सदस्यों ने अपने क्षेत्रों की समस्याओं को प्रमुखता से सदन में रखा। वही विभागीय अधिकारियों ने जनपद में संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए सदस्यों को योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया। बैठक में वित्तीय वर्ष 2021-22 का पुनरीक्षित आय-व्यय पर भी चर्चा हुई।
जिला पंचायत अध्यक्षा ने सदस्यों की ओर से सदन में रखी गई समस्याओं का त्वरित गति से निस्तारण करने को कहा। बैठक में लोक निर्माण एवं विद्युत विभाग के अधिकारियों के उपस्थित न रहने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला पंचायत अध्यक्षा ने कहा कि जिला पंचायत की बैठक में सभी विभागीय अधिकारियों को उपस्थित अनिवार्य है ताकि विभागीय योजनाओं की प्रगति की सटीक जानकारी मिल सके। सदन में जिप सदस्यों ने विद्यालयों में पीआरडी के माध्यम से की गई नियुक्तियों की जांच कराने की मांग रखी। गर्मियों में पेयजल की समस्या पर चर्चा के दौरान जल संस्थान को पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई, लघु सिंचाई, कृषि, उद्यान, वन, विद्युत, उरेडा, समाज कल्याण, पर्यटन विभाग, बाल विकास से संबंधित विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा की गई।
मुख्य विकास अधिकारी हंसादत्त पांडे ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल के तहत 85 प्रतिशत घरों में नल लगा दिए है। जिन स्थानों में प्राकृतिक स्त्रोत नहीं है वहां पम्पिंग योजना से पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। जलस्रोतों के संबर्धन हेतु जल शक्ति अभियान के तहत मनरेगा से भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों का स्पष्टीकरण भी तलब किया है। इस दौरान अपर मुख्य अधिकारी अरूण चन्द्र बत्र्वाल आदि मौजूद थे।
