गोपेश्वर (चमोली)। मूल निवासी संघ ने चमोली जिले के पोखरी ब्लॉक के नखोलियांणा गांव में अतिक्रमण हटाने के मामले में की गई पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किये हैं। संघ की ओर से मामले में थानाध्यक्ष पोखरी पर जातिवादी होने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच के लिये पुलिस महानिदेशक से जांच प्रक्रिया पूर्ण होने तक थानाध्यक्ष व अन्य कार्मिकों को अन्यत्र संबंध करने की मांग उठाई है। संघ पदाधिकारियों ने मांग पर कार्रवाई न किये जाने पर उच्च न्यायालय जाने व आंदोलन शुरु करने की चेतावनी दी है।
बता दें कि बीती 27 मई को पोखरी ब्लॉक मुख्यालय के नखोलियांणा तोक में उपजिलाधिकारी के आदेश पर सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिये नगर पंचायत पोखरी के साथ पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। जहां अतिक्रमण हटाने के दौरान हुए विवाद के बाद अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत की शिकायत पर पुलिस की ओर से कार्रवाई करते हुए महिला और पुरुषों को गिरफ्तार किया गया था। जिसे लेकर अब मूल निवासी संघ की ओर से पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। संघ की ओर से पुलिस महानिदेश को भेजे गये पत्र में थानाध्यक्ष की ओर से अभद्रता करने, जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने और गिरफ्तारी के दौरान एक शिशु के चोटिल होने के आरोप लगाये गये हैं। जिनका हवाला देते हुए संघ पदाधिकारियों ने जांच प्रक्रिया पूर्ण होने तक थानाध्यक्ष व अन्य कार्मिकों को अन्यत्र संबध करने की मांग उठाई है। पुलिस महानिदेश को भेजे गये पत्र में संघ की जिलाध्यक्ष पुष्पा कोहली, अंजू अग्निहोत्री, जसपाल सेठवाल, पुष्कर बैछवाल, मक्खन लाल पलेठा आदि के हस्ताक्षर हैं।
