गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के अस्पतालों में कार्यरत एनएचएम कर्मियों ने अपनी नौ सूत्रीय मांगों को लेकर विरोध स्वरूप किया जा रहा होम आइसोलेशन छह जून तक बढ़ा दिया है। कोरोना काल में एनएचएम कर्मियों की इस हड़ताल ने स्वास्थ्य संबंधी तमाम गतिवि धियां गड़बड़ा दी है।
बता दें कि स्वास्थ्य विभाग व एनएचएम में कार्यरत कमियों ने अपनी मांग को लेकर दो दिवसीय होम आइसोलेशन शुरू किया था लेकिन दूसरे दिन बुधवार को उनके संगठन ने इसे छह जून तक बढ़ाये जाने का निर्णय लिया है। उनके इस निर्णय से अब चिकित्सालयों में इस कोरोना काल में भर्ती मरीजों के साथ ही सामान्य मरीजों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन के जिलाध्यक्ष डा. राहुल बिष्ट ने कहा कि प्रदेश संगठन ने अब मांगों को लेकर होम आइसोलेशन की तिथि आगे बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि उनके संगठन का मानना है कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार करने के पक्ष में नहीं दिख रही है। जिससे संगठन को इस कठोर निर्णय को लेने के लिए बाध्य होना पड़ा है। इस विरोध प्रदर्शन में डा. राहुल बिष्ट, डा. नेहा, आशीष सती, अनूप थपलियाल, उदय सिंह रावत, संदीप कंडारी, चंद्रकला मंमगाई, हीरा सिंह मेहरा आदि शामिल है।
एनएचएम कर्मी कर रहे है ये मांग
एनएचएम कर्मचारियों की ओर से लम्बे समय के समान कार्य, समान वेतन लागू करने, एनएचएम कर्मचारियों के सामूहिक बीमा या गोल्डन कार्ड बनवाने, कोरोना काल में स्वास्थ्य कर्मी की मौत पर परिजनों को आर्थिक सहायता व एक सदस्य को नौकरी देने, उत्तर प्रदेश की तर्ज पर लॉयल्टी बोनस की व्यवस्था करने, कर्मचरियों का नियमितीकरण करने तथा कर्मचारियों की आउट सोर्सिंग के बजाय सीधी भर्ती करने, एनएचएम के कर्मचारियों को समान पदों पर 50 फ़ीसदी आरक्षण देने, वार्षिक वेतन को न्यूनतम 10 फ़ीसदी करने की मांग की जा रही है।
