शेयर करें !
posted on : August 25, 2026 4:35 pm

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली के मुख्य शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत ने मंगलवार को क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों और शिक्षा विभाग के कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय कर्णप्रयाग में प्रधान सहायिका विनोदा भट्ट अनुपस्थित मिलीं। कार्य के प्रति लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से उनका वेतन रोकने के आदेश दिए।

मुख्य शिक्षा अधिकारी ने राजकीय इंटर कॉलेज नैणी, राजकीय प्राथमिक विद्यालय नैणी, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पुडयाणी, प्राथमिक विद्यालय बौंला, उच्च प्राथमिक विद्यालय बौंला सहित खंड शिक्षा अधिकारी एवं उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय कर्णप्रयाग का निरीक्षण किया।

विद्यालयों में उन्होंने शिक्षण व्यवस्था, विद्यार्थियों की उपस्थिति, शैक्षणिक प्रगति और विद्यालयी वातावरण का जायजा लिया। नैणी के दोनों विद्यालयों की व्यवस्थाओं पर उन्होंने संतोष जताते हुए शिक्षकों को केवल पाठ्यक्रम पूरा करने के बजाय बच्चों के वास्तविक सीखने के स्तर के आधार पर दक्षता आधारित शिक्षण पर जोर देने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि निपुण, परख और पहल सर्वे की रिपोर्ट का विद्यालय स्तर पर गंभीरता से विश्लेषण किया जाए। कमजोर अधिगम वाले विद्यार्थियों की पहचान कर उनके लिए उपचारात्मक शिक्षण, नियमित अभ्यास और विशेष गतिविधियां संचालित की जाएं।

कार्यालयों के निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिली प्रधान सहायिका के मामले में कार्रवाई के आदेश देते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों और विद्यालयों में अनावश्यक अनुपस्थिति तथा कार्य के प्रति लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी-कर्मचारी अपने दायित्वों का निष्ठा और अनुशासन के साथ निर्वहन करें।

उन्होंने कहा कि औचक निरीक्षण का उद्देश्य केवल कमियां तलाशना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार, जवाबदेही बढ़ाना और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है।

 

 

हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें
शेयर करें !

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!