शेयर करें !
posted on : February 17, 2023 9:45 pm

कैबिनेट में लाया जायेगा परिषदीय परीक्षा अंक सुधार का प्रस्ताव

देहरादून। सूबे में समग्र शिक्षा के अंतर्गत राज्य एवं जिला स्तरीय कार्यालयों में रिक्त बीआरपी-सीआरपी के 955 पदों को आउट सोर्स के माध्यम से भरा जायेगा, जिसके लिये नियमानुसार आउटसोर्स एजेंसी का चयन करने का निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं। विद्यालयी शिक्षा परिषद की बोर्ड की परीक्षाओं में अनुत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को एक विषय में अंक सुधार का मौका दिये जाने संबंधी प्रस्ताव आगामी कैबिनेट में लाया जायेगा।

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में सचिवालय स्थित मुख्य सचिव सभागार में विद्यालयी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक हुई, जिसमें मुख्य सचिव एवं वित्त सचिव सहित विभागीय अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। कैबिनेट मंत्री डॉ. रावत ने बताया कि समग्र शिक्षा के अंतर्गत राज्य एवं जिला स्तरीय कार्यालयों में रिक्त चल रहे बीआरपी-सीआरपी के करीब 955 पदों को शीघ्र ही आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से भरा जायेगा। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर नियमानुसार आउटसोर्स एजेंसी के चयन एवं बीआरपी-सीआरपी के रिक्त पदों को भरने हेतु शैक्षिक अर्हताएं तैयार करने के निर्देश दे दिये गये हैं। विभागीय मंत्री ने बताया कि गत वर्षों में विद्यालयी शिक्षा परिषद की बोर्ड की परीक्षाओं में काफी छात्र-छात्राएं एक विषय में कम अंक आने के कारण उत्तीर्ण नहीं हो पाये जबकि अन्य विषयों में उनके द्वारा अच्छे अंक प्राप्त किये गये। जिसे देखते हुये राज्य सरकार ने 10वीं एवं 12वीं की परिषदीय परीक्षाओं में एक विषय में अनुत्तीर्ण छात्रों के लिये अंक सुधार की व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। जिसका प्रस्ताव आगामी कैबिनेट बैठक में लाया जायेगा। बैठक में विद्यालयी शिक्षा के अंतर्गत अध्ययनरत मेधावी छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना से अच्छादित करने का निर्णय लिया गया, जिस हेतु विभागीय अधिकारियों को आगामी कैबिनेट में प्रस्ताव लाने के निर्देश दिये गये। शिक्षा मंत्री डॉ. रावत ने बताया कि राज्य में 31 मार्च से पहले विद्या समीक्षा केन्द्र की स्थापना कर दी जायेगी इसके लिये कार्यदायी संस्था टीसीआईएल के अधिकारियों को नियत समय में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दे दिये गये है। डॉ0 रावत ने बताया कि राज्य के जिन विद्यालयों में छात्र संख्या 250 से अधिक है उनमें हाईब्रिड मोड में वर्चुअल एवं आईसीटी लैब की स्थापना की जायेगी जबकि शेष विद्यालयों में आईसीटी लैब ही स्थापित की जायेगी। शासन स्तर पर लम्बित एससीईआरटी के अंतर्गत शिक्षक-शिक्षा संवर्ग के ढांचे पर शीघ्र निर्णय लेने के निर्देश अधिकारियों को दिये गये।

बैठक में मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधू, वित्त सचिव दिलीप जावलकर, सचिव राज्यपाल एवं विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, अपर सचिव योगेन्द्र यादव, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी, निदेशक माध्यमिक शिक्षा सीमा जौनसारी, अपर निदेशक एवं प्रभारी निदेशक बेसिक शिक्षा आर.के. उनियाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें
शेयर करें !

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!