posted on : November 10, 2023 7:10 pm

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में कार्यरत तकनीकिशियन नवीन पंवार की 29 अक्टूबर की रात्रि में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मृतक की पत्नी जमना पंवार की तहरीर पर थाना गोपेश्वर पुलिस ने भारी मसक्कत के बाद शुक्रवार को पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस अधीक्षक चमोली रेखा यादव ने आरोपितों के पकड़े जाने के बाद मामले का खुलासा करते हुए बताया कि जिला चिकित्सालय में कार्यरत नवीन पंवार की 29 अक्टूबर को मृतक जिला सेवायोजन कार्यालय के पास एक होटल में गाली गलौच करने तथा अपने मोबाइल से वीडियो बनाये जाने को लेकर विवाद हो गया था। जिस पर आरोपितों की ओर से मृतक को सबक सीखाने के उद्देश्य से उसके साथ मारपीट करने की बात सामने आयी है। मृतक के अकेले दिखायी देने के उद्देश्य से आरोपित सेवायोजन कार्यालय को जाने वाले रास्ते में खडे होकर इंतजार करने लगे। इसी दौरान एक आरोपित ऋतिक ने पास ही पड़े लौहे के एंगल उठा लिया और जैसे ही मृतक उनके करीब आया तो आरोपित राहुल, हिमांशु, सुमित, ऋतिक और कपिल ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। मृतक डर के मारे अपने को बचाते हुए सेवायोजन की सीढ़ी से नीचे उतर कर अंधेरे में फूड एंड ड्रग्स कार्यालय के परिसर में बने शोचालय के पास छिप गया। इसी बीच ऋतिक और सुमित को मृतक नवीन के शौचालय के पास छिपे होने का आभास हुआ। दोनों ने मृतक का पीछा किया तथा ऋतिक की ओर से मृतक के पीछे से सर पर लौहे के एंगल से वार किया गया। जिसके वाद आरोपित नवीन को घायलावस्था में वहीं पर छोड़कर सड़क पर आ गये। यह घटना सेवायोजन कार्यालय के सीसीटीवी में दर्ज हो गई। जिसकी सूचना दोनों ने अपने अन्य तीन साथियों को दी। जिसके बाद राहुल ने सभी मौके से निकलने को कहा। राहुल, हिमांशु और कपिल को बाल्मिकी बस्ती में किसी के घर रस्म पगड़ी में जाना था। तो इसी बीच उन्हें नवीन पंवार सेवायोजन कार्यालय से निकलता हुआ दिखायी दिया। तो तीनों ने उसे पीटने की नियत से आगे बढ़ने लगे तो नवीन पुरोहित की मकान की ओर भागने लगा। इसी बीच आरोपित राहुल ने एक ईट उठाकर मारा जिससे वह सामने दीवार से जा टक्कराया तीनों आरोपित मौके पर पहुंचे और नवीन को मरा हुआ समझ कर घबराकर घटना को दुर्घटना दिखाने के उद्देश्य से योजना बनायी और तीनों ने मिलकर उसे सेवायोजन कार्यालय की गैलरी के नीचे बने टायलेट की छत पर डाल दिया। और सभी लोग वहां से चले गये। जिसकी सूचना सुबह पुरोहित भवन के स्वामी ने परिजनों को दी। जिसके बाद नवीन को जिला चिकित्सालय में भर्ती किया गया  और जहां से उसे हेलीकाप्टर की सहायता से जॉलीग्रांड ले जाया गया। जहां एक नवम्बर को उसकी मौत हो गई थी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस घटना का अनावरण करने वाली टीम के सदस्य वरिष्ठ उप निरीक्षक दिनेश पंवार, सिपाही संजय सिंह, प्रदीप कुकरेती, परविंद, होमागार्ड पुष्कर सिंह को ढाई हजार रु. की नगद धनराशि से बतौर ईनाम देने की घोषणा की है।

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