बदरीनाथ (चमोली)। बदरीनाथ धाम की पूजा के समय में किये गये बदलाव को सोमवार से समाप्त कर परम्परा के अनुसार ब्रहम मुहूर्त में पूजा अर्चना शुरु हो गई है। हालांकि मामले में देवस्थानम बोर्ड की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई लिखित आदेश जारी नहीं किया है। लेकिन धाम में सोमवार को धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल की ओर से पौराणिक परम्पराओं के अनुसार मंदिर के कपाट प्रातः साढे चार बजे खोल कर नित्य होने वाली पूजाओं का सम्पादन किया गया।
बदरीनाथ धाम की पूजा के समय में देवस्थानम बोर्ड की ओर से कोविड का हवाला देते हुए परिवर्तन कर ब्रहम मुहूर्त में होने वाली महाभिषेक पूजा और संध्या कालीन शयन आरती के समय में परिवर्तन कर दिया गया था। जिस पर काफी विवाद हुआ साथ ही ब्रहमकपाल, डिमरी पंचायत के तीर्थपुरोहितों ने भी परम्पराओं में किये परिवर्तन पर एतराज जताया। जबकि मामले में बदरीनाथ धाम के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल पूर्व से ही समय परिवर्तन न किये जाने को लेकर देवस्थानम बोर्ड के अधिकारियों से वार्ता कर रहे थे। ऐसे में हिन्दू मतावलम्बियों और तीर्थपुरोहितों की न्यायोचित मांग पर सोमवार को धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल की ओर से परम्परा के अनुसार ब्रहम मुहूर्त में पूजा प्रक्रियाएं शुरु कर दी हैं। उन्होंने कहा कि अब परम्पराओं के अनुरुप ही मंदिर में पूजा प्रक्रियाएं सम्पन्न कराई जाएंगी।
