posted on : September 10, 2023 7:34 pm

गोपेश्वर (चमोली)। चण्डी प्रसाद भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र गोपेश्वर, नंदा देवी वन प्रभाग, आईटीबीपी तथा महाविद्यालय गोपेश्वर के संयुक्त दल को कुंवारी पास बुग्याल के अध्ययन एवं सफाई के आईटीबीपी जोशीमठ के उप सेनानी सुनील चंद्र पोखरियाल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इससे पूर्व आईटीबीपी के सभागार में प्रमुख मुख्य वन संरक्षक वन्य जीव समीर सिन्हा ने भी आन लाइन संबोधित करते हुए बुग्यालों के महत्व पर अपनी बात रखी। 

हिमालय दिवस के अवसर पर सीपी भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र  गोपेश्वर, नगर पालिका परिषद जोशीमठ और नंदा देवी वन प्रभाग के संयुक्त तत्वाधान में पालिका सभागार में नगर पालिका अध्यक्ष शैलेंद्र पंवार की अध्यक्षता में हिमालय के बुग्यालों पर मंडरता खतरा विषय पर एक चिंतन गोष्ठी आयोजित की गई। चिंतन गोष्ठी में श्री बदरीनाथ धाम के पूर्व धर्माधिकारी  भुवन चंद्र उनियाल ने हिमालय की  वेदो और पुराणों में  बतायी गई महिमा के उल्लेख से अपनी बात रखते हुए कहा कि जिसे स्वयं भगवान शंकर ने अपना आलय बताया है और जहां भगवान नर-नारायण ने तपस्या की है। वेदव्यास ने वेदों की रचना की है। वह क्षेत्र धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से कितना महत्वपूर्ण होगा समझा जा सकता है। पूर्व पालिका अध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने कहा कि बुग्याल हिमालय की आत्मा है। हमारे पूर्वजों ने शायद बहुत पहले ही बुग्यालों पर आने वाले खतरों को भांप लिया था तभी उनकी ओर से बुग्यालों के संरक्षण के लिए कई नियम तथा कायदे बनाये थे।  उनकी ओर से बनाये इन लोकाचारों से ही आज हमें ये बुग्याल सुरक्षित मिले हैं। 

पालिका अध्यक्ष शैलेंद्र पंवार ने गोष्ठी में अपने विचार रखते हुए कहा कि यदि हमने अभी अपने बुग्यालों को बचाने का संकल्प नहीं लिया तो बहुत देर हो जायेगी और शायद बाद में लाख कोशिस करने के बाद भी हम इन्हें बर्बाद और नष्ट होने से नहीं बचा पायेंगे और भविष्य में हमारी आने वाली पीढी हमें इसके लिए माफ भी नही करेगी।

गोष्ठी में सी पी भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र के प्रबंध न्यासी ओम प्रकाश भट्ट ने जानकारी देते हुए बताया कि, उनके न्यास की ओर से वर्ष 2014 से बुग्यालों के संरक्षण के लिए बुग्यालों  बचाओ अभियान चलाया जा रहा है। नंदा देवी वन प्रभाग के उप प्रभागीय वनअधिकारी शिशुपाल सिंह रावत ने कहा कि पर्यटकों को चाहिये कि वो हिमालय क्षेत्र में यात्रा के दौरान प्लास्टिक की वस्तुओं का उपयोग ना करें तथा अपने साथ कचरे के लिए  एक खाली बैग भी रखे। किसी भी प्रकार का कचरा बुग्यालों के लिए घातक है। इस दौरान गोष्ठी में  विनय सेमवाल, वन क्षेत्राधिकारी जोशीमठ रेंज गौरव नेगी, नंदा देवी वन प्रभाग, राकेश परमार, महाविद्यालय गोपेश्वर के इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. शिव चंद सिंह रावत,   सामाजिक कार्यकर्ता सुभाष डिमरी, कमल रतूड़ी, समीर डिमरी, ओम प्रकाश डोभाल, व्यापार संघ अध्यक्ष नैन सिंह भंडारी, सभासद अमित सती, मंगला कोठियाल आदि मौजूद थे।

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