गोपेश्वर (चमोली)। एक ओर अन्य प्रदेशों की भांति उत्तराखंड में कोरोना से बचाव के लिए माक्स और दो गज की दूरी के तहत पुलिस व प्रशासन के माध्यम से सरकार लोगों को जागरूक करने के साथ ही उनका चालान भी काटवा रही है। मगर वहीं दूसरी ओर सरकार स्वयं ही कुंभ के शाही स्नान को प्रचारित प्रसारित करने के लिए प्रत्येक जिलों के विभिन्न स्थानों पर एलईडी टीवी के माध्यम से भीड़ भी एकत्र कर रही है। कोरोना को लेकर सरकार का यह दोहरा मापदंड लोगों के समझ में नहीं आ रहा है।
सरकार की ओर से कुंभ के शाही स्नान को लाइव दिखाने के लिए अन्य जनपदों की भांति चमोली जिले के सूचना विभाग के माध्यम से जिला मुख्यालय गोपेश्वर, कर्णप्रयाग व गौचर में एलईडी टीवी लगायी है ताकि सरकार की कुंभ मेले की व्यवस्थाओं के साथ ही कुंभ में तीन दिनों तक चले वाले शाही स्नान को भी देख सकें। अब ऐसे में प्रश्न उठता है कि एक ओर सरकार कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर चिंता जता रही है। और लोगों को बिना काम के घर से न निकले, मास्क पहनने, दो गज की दूरी बनाये रखने व भीड़ एकत्र न करने की हिदायत दे रही है। वहीं कुंभ मेले के प्रचार के लिए लगाये जा रहे एलईडी टीवी के माध्यम से लोगों को मेला देखने का भी न्यौता दे रही है। कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता विकास जुगरान व योगेंद्र सिंह बिष्ट का कहना है कि ये सरकार अपने निर्णयों पर ही कायम नहीं हैं। जहां उसे स्वयं का फायदा नजर आता है वहां वह नियमों को ही उल्ट देती है। उनका कहना है जहां-जहां पर सरकार की ओर से कुंभ मेले के प्रचार के लिए लाइव टीवी लगाये गये है। उन स्थानों पर भीड़ होना स्वाभाविक है और ऐसे में कोरोना का खतरा और अधिक बढेगा। सरकार को चाहिए था कि इसका प्रसारण टीवी चैनल के माध्यम से करवाती तो लोग अपने घरों में बैठकर इसे देख सकते थे।
