गोपेश्वर (चमोली)। संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार ने संस्कृत महाविद्यालय मंडल का निरीक्षण कर छात्रों को गणित और विज्ञान पढ़ने के लिए प्रेरित किया।
निरीक्षण के दौरान संस्कृत शिक्षा सचिव ने विद्यालय एवं महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं से नियमित अध्ययन एवं अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने छात्राओं को संस्कृत संस्थान उत्तराखंड द्वारा संचालित गार्गी छात्रवृत्ति एवं अम्बेडकर छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी देते हुए इसका लाभ लेने को कहा। उन्होंने विद्यार्थियों को संस्कृत शिक्षा के साथ गणित एवं विज्ञान विषयों के अध्ययन करने पर भी जोर दिया।
सचिव ने महाविद्यालय के पूर्व प्राध्यापक हरिप्रसाद सती का सम्मान किया तथा अध्यापकों को दैनिक समाचार वाचन एवं गीता शिक्षण पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने महाविद्यालय परिसर, छात्रावास एवं अनन्त अम्बानी पुस्तकालय का निरीक्षण किया। पुस्तकालय समन्वयक कृष्णानन्द पंत ने उन्हें पुस्तकालय में संरक्षित पाण्डुलिपियों की जानकारी दी। छात्रावास निरीक्षण के दौरान सचिव ने बेहतर रखरखाव एवं विद्यार्थियों को नवाचार और आधुनिक ज्ञान से जोड़ने पर बल दिया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य भोला दत्त सती ने सचिव का आभार जताते हुए विद्यालय के सफल संचालन के लिए दिए गए टिप्स के पालन का भरोसा दिया। सहायक निदेशक संस्कृत शिक्षा जनपद चमोली एमआर मैंदुली ने भी विद्यालय/महाविद्यालय का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डा. जनार्दन प्रसाद नौटियाल, शिक्षकों व छात्र-छात्राओं ने सचिव किया गया। महाविद्यालय की आचार्या मंगला पुरोहित ने उन्हें देवभूमि गजेटियर पुस्तक भेंट की।
इस दौरान श्री बदरीश-कीर्ति संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय डिम्मर-सिमली के प्राचार्य डॉ. माताराम पुरोहित, कृष्णानन्द पंत, रमेश सती आदि मौजूद रहे।
