गोपेश्वर (चमोली)। उद्यान विभाग चमोली के कर्मचारियों सोमवार से उद्यान अधिकारी तेजपाल सिंह पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार शुरु कर दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि जहां अधिकारी की ओर से कर्मचारियों के मेडिकल और यात्रा देयक बिलों की स्वीकृति नहीं की जा रही है। वहीं अन्य मामलों में भी कर्मचारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। कर्मचारियों ने अधिकारी से रोके गये बिलों का तत्काल भुगतान करने की मांग उठाई है।
उद्यान विभाग के फील्ड तकनीकी कर्मचारी संगठन के प्रदेश महामंत्री हीरा बल्लभ जोशी ने बताया कि उद्यान अधिकारी की ओर से जहां कर्मचारियों के मेडिकल व यात्रा देयक बिलों का भुगतान बिना वजह रोका जा रहा है। वहीं सीएल लेने पर कर्मचारियों के वेतन रोकने जैसी कार्रवाई की जा रही है। जबकि स्थानांतरण वाले कर्मचारियों को कार्य मुक्त भी नहीं किया जा रहा है। ऐसे अन्य कार्यों में कर्मचारियों को परेशान करने का कार्य किया जा रहा है। जिसे लेकर संगठन की ओर से वार्त करने पर अधिकारी की ओर से कीटनाशक पीकर आत्महत्या करने की बात कही जा रही है। जिसे देखते हुए विभागीय कर्मचारियां की प्रांतीय कार्यकारणी की ओर तीन दिवसीय आंदोलन शुरु किया है। उन्होंने बिलों को लेकर शीघ्र कार्रवाई करने के साथ अधिकारी की कार्यशैली में सुधार की मांग उठाई है। इस मौके पर डीपी डंगवाल, भूपेंद्र सिंह नेगी, रघुवीर सिंह राउण, सोमेश भंडारी, सोहल लाल, दयालय सिंह भंडारी, एनके पंत और मीनाक्षी पालीवाल आदि मौजूद थे।
क्या कहते हैं अधिकारी
वहीं जिला उद्यान अधिकारी तेजपाल सिंह का कहना है कि कर्मचारियों की ओर से उन पर निराधार आरोप लगाये जा रहे हैं। वहीं उन्होंने चिकित्सा और यात्रा दयेक बिलों को लेकर कहा कि कर्मचारियों की ओर प्रस्तुत बिलों में कुछ कमी पाई गई थी। जिन्हें सुधार के लिये कहा गया है। उन्होंने कर्मचारी की ओर से कीटनाशक पीने की धमकी देने के आरोप का खंडन भी किया है।
