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posted on : June 1, 2023 6:28 pm

गोविंदघाट (चमोली)। विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी गुरूवार को प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए से खुल गई। विश्व धरोहर फूलों की घाटी का यात्रा मजिस्ट्रेट राहुल शाह ने रिबन काट कर शुभारंभ  किया।

उत्तराखंड के चमोली जिले में फूलों की घाटी को उसकी प्राकृतिक खूबसूरती और जैविक विविधता के कारण 2005 में यूनेस्को ने विश्व धरोहर घोषित किया। 87.5 वर्ग किलोमीटर में फैली फूलों की ये मनमोहक और सुन्दर घाटी न सिर्फ भारत, बल्कि दुनिया के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। गुरूवार को प्रकृति प्रेमियों और आम पर्यटकों के  उत्तराखंड के उच्च हिमालयी लोकपाल क्षेत्र में स्थित विश्व प्राकृतिक धरोहर स्थल फूलों की घाटी देशी – विदेशी पर्यटकों के दीदार के लिए खोल दिया गया है। इस वर्ष प्रकृति प्रेमियों को यहां फूलों के साथ्-साथ बर्फ और हिमखंडों के भी अद्भुत नजारे दिखने को मिलेंगे।

फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क के मुख्य गेट पर पार्क प्रबन्धन की ओर से रेंज ऑफिसर गौरव नेगी की उपस्थिति में द्वार पूजन के बाद यात्रा मजिस्ट्रेट हेमकुंड साहिब राहुल शाह ने रिबन काटकर फूलों की घाटी यात्रा का शुभारंभ किया गया। पहलेघाटी में 30 प्रकृति प्रेमी पर्यटकों का पहला दल सभी औपचारिकताएं पूरी कर घाटी का दीदार करने पहुंचा। पार्क के अधिकारी भी इस अवसर पर घाटी का जायजा लेने पर्यटकों के साथ फूलों की घाटी रवाना हुआ। फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क के पैदल मार्ग पर अभी भी जमी है बर्फ।

विश्व धरोहर प्राकृतिक स्थल फूलों की घाटी नेशनल पार्क नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के डीएफओ भारत भूषण मार्तोलिया ने बताया एक जून से सैलानियों के लिये खुली इस फूलों की घाटी तक पहुंचने के लिए नन्दा देवी पार्क प्रशासन ने वैली तक ट्रैक को दुरस्त कर आवाजाही के लिए खोल दिया है।

इस बार फूलों की घाटी, लोकपाल हेमकुंड क्षेत्र में बेमौसम काफी बर्फबारी हुई है, घाटी में कई जगह कई किलोमीटर तक बर्फ साफ करने के बाद पार्क प्रशासन की तरफ से फूलों की घाटी तक ट्रेक आवाजाही के लिए सुचारू कर दिया गया है। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के रेकी दल ने बताया कि फूलों की घाटी के निचले हिस्से में बर्फ पिघलने के बाद फूलों का खिलना शुरू हो जायेगा।

गौरतलब है कि फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान हर वर्ष एक जून से पर्यटकों के लिए खुल जाती है और 31 अक्टूबर तक पर्यटकों के लिए खुली रहती है। इस अवधि में हर वर्ष हजारो प्रकृति प्रेमी यहां पहुंचते हैं और सैकड़ों फूलों का दीदार करते हैं। पर्यटकों से नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान को भी अच्छी आमदनी हो जाती है। बताया जाता है कि जुलाई-अगस्त माह में लगभग पांच सौ प्रजाति के फूल यहां खिल जाते हैं।

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