- सुझावः तथाकथित पत्रकार जो पत्रकारिता की साख कर रहे धूमिल, पर लगे रोक
गोपेश्वर (चमोली)। जिला स्तरीय स्थायी पत्रकार समिति की बैठक मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष में जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में हुई। बैठक में पत्रकार कल्याण, पत्रकारों की विभिन्न समस्याओं, प्रेस-प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में पत्रकार सदस्यों ने पत्रकार कल्याण कोष, वयोवृद्ध पत्रकार पेंशन, पत्रकार मान्यता, पत्रकार हितों तथा वीआईपी और वीवीआईपी भ्रमण के दौरान प्रेस पास की व्यवस्था जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए। पत्रकारों ने इन समस्याओं के समाधान को लेकर अपने सुझाव भी रखे। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने सभी प्रकरणों को गंभीरता से सुनते हुए पत्रकारों से संबंधित समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर नियमानुसार समाधान सुनिश्चित करने का भरोसा दिया।
पत्रकार सदस्यों ने प्रेस और प्रशासन के बीच संवाद को और मजबूत करने के लिए समय-समय पर विभागीय अधिकारियों और प्रेस प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक आयोजित करने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि इससे विभागीय योजनाओं, विकास कार्यों और शासन की उपलब्धियों की जानकारी मीडिया के माध्यम से आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जा सकेगी। इससे तथाकथित रूप से पत्रकारिता की साख खराब कर रहे लोगों पर भी अंकुश लग सकेगा। बैठक में जनपद के सभी पत्रकारों की सूची विभिन्न विभागीय अधिकारियों के साथ साझा करने का सुझाव भी रखा गया, ताकि सूचनाओं के आदान-प्रदान में बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।
इस अवसर पर स्टेट यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स की जिला इकाई की ओर से वरिष्ठ एवं मान्यता प्राप्त पत्रकारों को दी जाने वाली मासिक सम्मान निधि में वृद्धि की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को भेजे संयुक्त ज्ञापन को जिलाधिकारी को सौंपा गया। बैठक के प्रारंभ में जिला सूचना अधिकारी एवं समिति के सदस्य सचिव धीरज कार्की ने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और पत्रकार सदस्यों का स्वागत किया। उन्होंने समिति के उद्देश्यों और कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि पत्रकारों से संबंधित समस्याओं एवं उत्पीड़न के मामलों का नियमानुसार निस्तारण तथा प्रेस-प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय समिति के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।
बैठक में पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, पत्रकार सदस्य क्रांति भट्ट, कमल नयन सिलोड़ी, कृष्ण कुमार सेमवाल, जगदीश पोखरियाल, कनिष्ठ सहायक विक्रम पंवार मौजूद रहे।
