Category: सम्पादकीय

सम्पादकीय

विवेकवान होते हुए भी मनुष्य ने पशुओं के कुछ गुण ग्रहण कर लिए

लखनऊ/ उत्तर प्रदेश( रघुनाथ प्रसाद शास्त्री): इस धराधाम पर परमात्मा ने अनेकों प्रकार के पशु-पक्षियों, जीव-जंतुओं का सृजन किया साथ ही मनुष्य को बनाया। मनुष्य को परमात्मा का युवराज कहा…

कोरोना में भारतीय और इंटरनेट साक्षरता

नैनीताल (हिमांशु जोशी): आरोग्य सेतु एप इन दिनों चर्चा में है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश के नाम अपने सम्बोधन में कोरोना से लड़ाई में इस एप को डाउनलोड करने के…

श्रेष्ठ बनने के लिए स्पीड और लक्ष्य का पता होना चाहिए

देहरादून : पुरूषार्थ बिल्कुल सीधा रखना है, इधर उधर भटकाने नही देना है और अपने पुरूषार्थ से सन्तुष्ट भी रहना है। हम चाहते तो है श्रेष्ठ करना परन्तु शक्तिहीन होने…

“मानसिक तनाव” संयुक्त परिवार में रहकर ही किया जा सकता है दूर

पौड़ी गढ़वाल (डॉ. अंजना शर्मा): वर्तमान समय में युवाओं में तनाव (mental stress) की समस्या एक आम विषय बनकर रह गया है. आए दिन युवाओं द्वारा आत्महत्या एवं इसके प्रयास…

20 वर्ष का युवा होता उत्तराखंड

नैनीताल (हिमांशु जोशी): वर्ष 1897 से ही उत्तर प्रदेश से अलग एक पहाड़ी राज्य बनाने की मांग शुरू हो गई थी। 1940 में हल्द्वानी सम्मेलन में बद्री दत्त पांडे ने…

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