घाट (चमोली)। चमोली जिले के घाट-नंदप्रयाग सड़क डेढ लेन चैड़ीकरण की मांग को लेकर रविवार को 32 आंदोलनकारियों ने 254 किलोमीटर की घाट से देहरादून की पदयात्रा शुरु कर दी है। जबकि दूसरी ओर घाट ब्लॉक मुख्यालय पर भूख हड़ताल के 82वें दिन भी आंदोलनकारियों का आमरण अनशन और धरना जारी रहा। पदयात्रा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 13 पडावों को पार कर 16 अप्रैल को देहरादून पहुंचेगी।
बता दें कि घाट ब्लॉक मुख्यालय के 70 से अधिक गांवो की लाइफ लाइन माने जाने वाली घाट-नंदप्रयाग सड़क के डेढ लेन चैडीकरण को लेकर ग्रामीण चार माह से आंदोलनरत हैं। लेकिन मामले में चार माह बाद भी आंदोलनकारियों और सरकार के बीच सहमति बन सकी है। जहां सरकार नियमों का हवाला देकर सड़क के डेढ लेन चैड़ीकरण न कर पाने की विवशता जता रही है। वहीं आंदोलनकारी पूर्व मुख्यमंत्रियों की की घोषणा और दीवालीखाल-भराड़ीसैंण सड़क की तर्ज पर नियमों में शिथिलता देते हुए सड़क के डेढ लेन चैड़ीकरण की मांग कर रहे हैं। हालांकि सरकार ने सड़क के चैडीकरण के लिये दो करोड़ 20 लाख 68 हजार की धनराशि स्वीकृत कर दी है। लेकिन आंदोलनकारी आदेश में सड़क की चैड़ाई को स्पष्ट न किये जाने पर आदेश को झुनझुना बताकर विरोध कर रहे हैं। ऐसे में रविवार को आंदोलनकारियों ने मांग को लेकर अब तक की सबसे लम्बी 254 किलोमीटर की पदयात्रा शुरु कर दी है। आंदोलनकारी और व्यापार मंडल अध्यक्ष चरण सिंह का कहना है कि सड़क को महज ब्लॉक मुख्यालय की सड़क के नजरिये से देखा जा रहा है। जबकि घाट-नंदप्रयाग सड़क क्षेत्र के 70 ग्राम सभाओं के लाखों लोगों की लाइफ लाइन है। ऐसे में सरकार को सहानुभूति पूर्वक विचार कर नियमों में शिथिलता करते हुए और पूर्व में मुख्यमंत्रियों की घोषणा को मध्य नजर रखते हुए कार्रवाई करनी चाहिए। इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य गुड्डू लाल, दीपक रतूड़ी, लक्ष्मण राणा, प्रकाश, दीपक फरस्वाण सहित 32 लोग मौजूद थे।
