जोशीमठ (चमोली)। सात दिनों से बंद पड़ा बदरीनाथ हाईवे बुधवार को यातायात के लिए सुचारू हो गया है वहीं भारत-तिब्बत सीमा क्षेत्र को यातायात से जोड़ने वाला मलारी-नीती राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुधवार को मलारी के समीप पहाड़ी टूटने से बाधित हो गया है। जिससे घाटी के ग्रामीणों के साथ ही सीमा क्षेत्र में तैनात सेना और आईटीबीपी के जवानों की आवाजाही में दिक्कतें हो रही हैं। हालांकि बीआरओ की ओर से यहां हाईवे को सुचारु करने का कार्य शुरु कर दिया गया है।
बता दें कि बुधवार की सुबह मलारी गांव के समीप अचानक पहाड़ी से चट्टान का बड़ा हिस्सा नीती-मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग पर गया। ऐसे में सड़क पर आये टनों मलबे से यहां वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। हाईवे के बाधित होने पर यहां आवाजाही करने वाले ग्रामीणों, सेना औ आईटीबीपी के जवानों को पूरे दिन मौके पर पैदल मलबे के ऊपर से आवाजाही करनी पड़ी। कोषा गांव निवासी देवेंद्र सिंह ने बताया कि हाईवे बंद होने की सूचना के बाद बीआरओ की ओर से मौके पर पहुंची मशीन के खराब होने के चलते यहां घंटों बाद हाईवे सुचारु करने का कार्य शुरु हो सका। ऐसे में सीमावर्ती क्षत्रों में सड़क को सुचारु रखने को लेकर किये इंतजामों पर ग्रामीणों की ओर नाराजगी व्यक्त की गई। वहीं दूसरी ओर 20 मई जिले में हुई बारिश रडांग बैंड में क्षतिग्रस्त बदरीनाथ हाईवे को बीआरओं की ओर से सातवें दिन वाहनों की आवाजाही के लिये सुचारु कर दिया गया है।
बदरीनाथ हाईवे को जहां सुचारु कर लिया गया है। वहीं जोशीमठ-मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग को सुचारु करने का कार्य किया जा रहा है। जल्द ही राजमार्ग से मलवा हटाकर वाहनों की आवाजाही सुचारु कर ली जाएगी।
कर्नल मनीष कपिल, कमांडर, बीआरओ, जोशीमठ।
