गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिला प्रशासन ने लाइसेंसी रिवाल्वर फायरिंग मामले में शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिया है।
बताते चले कि थाना पोखरी क्षेत्र में जमीन विवाद के दौरान लाइसेंसी रिवॉल्वर से फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले आरोपी राजेंद्र असवाल के खिलाफकार्रवाई करते हुए डीएम गौरव कुमार ने पुलिस की संस्तुति पर आरोपी का लाइसेंस निरस्त कर दिया है।
पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि बीते 10 अप्रैल को पोखरी में भवन निर्माण के चलते आपसी विवाद के दौरान असवाल ने अपने लाइसेंसी 22 बोर रिवाल्वर से फायरिंग कर दी थी। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी और भय का माहौल बन गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया। उन्होंने बताया कि घटना से जुड़े तथ्यों, प्रत्यक्ष परिस्थितियों एवं शस्त्र के प्रयोग को गंभीरता से लेते हुए। जिलाधिकारी को लाइसेंसी शस्त्र के उपयोग को आपराधिक घटना मानते हुए लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन पर शस्त्र लाइसेंस को निरस्त करने की संस्तुति डीएम को भेजी गई। कहा गया कि आरोपी द्वारा लाइसेंसी शस्त्र का उपयोग आपराधिक घटना में किया गया है। यह भविष्य में भी लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। डीएम ने इन तथ्यों का परीक्षण करते हुए शस्त्र लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया।
एसपी ने यह भी बताया कि लाइसेंसी शस्त्र सुरक्षा और आत्मरक्षा के लिए दिए जाते हैं, कानून हाथ में लेने अथवा दहशत फैलाने के लिए नहीं। कहा कि जो भी व्यक्ति शस्त्रों का दुरुपयोग करेगा, उसके खिलाफ केवल मुकदमा ही नहीं बल्कि शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण जैसी कठोर कार्रवाई भी की जाएगी।
