शेयर करें !
posted on : September 13, 2021 5:05 pm

गोपेश्वर (चमोली)। केदारनाथ वन प्रभाग चमोली की ओर से चमोली जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पहली बार हिम तेंदुए (स्नो लैपर्ड) की गणना का कार्य किया जा रहा है। वन प्रभाग की ओर से उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ट्रैप कैमरे लगाकर गणना का कार्य किया जाएगा। जिसके लिए वन विभाग ने हिमालयी क्षेत्र में भेज दी है। हालांकि वर्ष 2002 में कैट स्पेशिलिस्ट ग्रुप के अनुसार भारत के हिमालय क्षेत्र में स्नो लैपर्ड की अनुमानित संख्या दो सौ के आसपास बतायी है।

बता दें, की चमोली जिले में स्थित केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग की ओर से प्रभाग के उच्च हिमालीय क्षेत्रों में मिल रहे हिम तेंदुए की मौजूदगी के संकेतों को देखते हुए गणना कार्य करने की योजना तैयार की है। विभाग की ओर से वन प्रभाग के केदारनाथ, मद्महेश्वर, रुद्रनाथ और वंशीनारायण क्षेत्रों में करीब 20 टै्रप कैमरों की मदद से गणना कार्य करने की योजना बनाई गई है। जिससे क्षेत्र में मौजूद स्नो लैपर्ड के साथ ही अन्य वन्य जीवों की भी गणना की जा सकेगी। विभाग की ओर से जहां केदारनाथ और मद्महेश्वर क्षेत्र में ट्रैप कैमरे लगाने का कार्य कर लिया गया है। वहीं अब रुद्रनाथ और वंशीनारायण क्षेत्र में कैमरे लगाये जाएंगे। ऐसे में पहली बार विभाग को स्नो लैपर्ड की सही संख्या की जानकारी मिलने को लेकर विभागीय अधिकारी आशांवित हैं।

 

वन प्रभाग की ओर से शीतकाल में उच्च हिमालयी क्षेत्रों में लगाये गये ट्रैप कैमरों में कई बार स्नो लैपर्ड की मौजूदगी के साक्ष्य विभाग को मिले हैं। लेकिन वर्तमान तक प्रभागीय वन क्षेत्र में स्नो लैपर्ड की सही संख्या की जानकारी नहीं है। जिसे देखते हुए पहली बार स्नो लैपर्ड की गणना का कार्य किया जा रहा है। जिसके लिये इन दिनों विभागीय टीम की ओर से टैªप कैमरे लगाये जा रही है। आगामी 40 से 45 दिनों में कैमरों का निरीक्षण किया जाएगा।

अमित कंवर, डीएफओ, केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग, चमोली।

हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें
शेयर करें !

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!