थराली (चमोली)। प्रदेश में किसी की भी सरकार रही हो और वह गांव के विकास के दावों का कितना भी दंभ भर ले लेकिन हकीकत आज भी यह है कि चमोली जिले के सीमांत गांव के ग्रामीण आज भी सड़क की बाट जोह रहे है। जिसके चलते ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
चमोली जिले के देवाल ब्लाॅक के हरनी गांव निवासी बलवंतसिंह खत्री की पत्नी पार्वती देवी की अचानक तबियत बिगड़ गई। सड़क के अभाव में गांव के युवक मंगल दल के अध्यक्ष संदीप बागड़ी, बलवीर सिंह बिष्ट, धन सिंह बिष्ट, कलम सिंह, पदम सिंह खत्री, प्रदीप खत्री, महेश बिष्ट, आनंद बिष्ट,प्रदीप बिष्ट आदि ने बीमार महिला को गांव के पोखरी तोक से डोली में बिठा कर करीब चार किलोमीटर दूर बगड़ीगाड़ मोटर सड़क तक भारी मशक्कत के बाद सु पहुंचाया जहां से महिला के परिजन उपचार के लिए देहरादून लें गए। गांव के युवक मंगल दल अध्यक्ष संदीप बागड़ी और बलवीर बिष्ट ने बताया कि सात वर्ष पूर्व थराली-देवाल-मंदोली मोटर सड़क के बगड़ीगाड नामक स्थान से हरनी गांव तक पांच किलोमीटर मोटर सड़क के निर्माण की स्वीकृति मिली थी किन्तु वर्तमान तक भी इसका निर्माण कार्य शुरू नही होने से इस गांवों के ग्रामीणों को इस तरह की समस्या से जुझते रहना पड़ता हैं। जिससे ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि अविलंब मोटर मार्ग का निर्माण करवाया जाए ताकि क्षेत्रवासियों को सुविधा मिल सके।
