गोपेश्वर (चमोली)। माता सती अनसूया मंदिर के पैदल मार्ग पर लोनिवि की सुस्त कार्य प्रणाली आवाजाही करने वाले लोगों के लिये आफत का सबब बनी हुई है। यहां बीते माह 28 जुलाई को क्षतिग्रस्त हुए पैदल मार्ग का सुधारकण कार्य न होने के चलते तीर्थयात्री और स्थानीय ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार लोनिवि के अधिकारियों से सुधारीकरण की मांग करने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
बता दें तक बीते माह 28 जुलाई को मंडल घाटी में हुई मूसलाधार बारिश के चलते मंडल-अनसूया पैदल मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया था। जिसके बाद ग्रामीणों की ओर से पैदल मार्ग सुधारीकरण को लेकर लोनिवि से मांग उठाई गई थी। लेकिन 26 दिनों के बाद भी यहां लोनिवि की ओर पैदल मार्ग के सुधारीकरण का कार्य शुरु नहीं किया जा सका है। ऐसे में यहां मंदिर के दर्शन के लिये आवाजाही करने वाले तीर्थयात्री और ग्रामीण जान-जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। वहीं मार्ग के क्षतिग्रस्त होने से घोड़े-खच्चरों की आवाजाही नहीं हो पा रही है। जिससे यहां भारी सामान व रसद ले जाने में ग्रामीणों को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। स्थानीय ग्रामीण विनोद राणा, भगत बिष्ट और संतोष कुमार ने जिला प्रशासन से मामले का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की मांग उठाई है
मंडल-अनसूया पैदल मार्ग के सुधारीकरण के लिये करीब 10 लाख के प्रस्ताव आपदा मद में स्वीकृति के लिये भेजे गये हैं। जल्द ही वित्तीय स्वीकृत मिलते ही मार्ग का सुधारीकरण कार्य शुरु कर दिया जाएग।
शिवम मितल, सहायक अभियंता, लोनिवि, गोपेश्वर।
