गोपेश्वर/थराली (चमोली)। चमोली जिले के अस्पतालों में कार्यरत एनएचएम कर्मियों ने अपनी नौ सूत्रीय मांगों को लेकर मंगवार से दो दिनों के लिए होम आइसोलेशन में चले गये है। इससे पूर्व एनएचएम कर्मी बांह में काली पट्टी बांधकर विरोध कर अपनी सेवाऐं दे रहे थे।
बता दें कि स्वास्थ्य विभाग व एनएचएम में बड़ी संख्या में आउटसौर्सिंग के माध्यम से कर्मचारियों को भर्ती किया गया है। इन कर्मचारियों की ओर से लम्बे समय के समान कार्य, समान वेतन लागू करने, एनएचएम कर्मचारियों के सामूहिक बीमा या गोल्डन कार्ड बनवाने, कोरोना काल में स्वास्थ्य कर्मी की मौत पर परिजनों को आर्थिक सहायता व एक सदस्य को नौकरी देने, उत्तर प्रदेश की तर्ज पर लॉयल्टी बोनस की व्यवस्था करने, कर्मचरियों का नियमितीकरण करने तथा कर्मचारियों की आउट सोर्सिंग के बजाय सीधी भर्ती करने, एनएचएम के कर्मचारियों को समान पदों पर 50 फ़ीसदी आरक्षण देने, वार्षिक वेतन को न्यूनतम 10 फ़ीसदी करने की मांग की जा रही है। लेकिन वर्तमान तक सरकार की ओर से मांगों को लेकर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाये गये हैं। जिसे लेकन एनएचएम कर्मचारियों ने विरोध शुरु कर दिया है। 28 मई से कर्मचारियों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध करते हुए अपनी सेवाऐं दे रहे थे। साथ ही सरकार को चेतावनी दी थी कि यदि 31 मई तक उनकी मांग पूरी नहीं होती है तो वे एक व दो जून हो होम आइसोलेशन में चलें जायेंगे। इसी कड़ी में मंगलवार से कर्मियों ने दो दिवसीय विरोध के तहत होम आइसोलेशन शुरू कर दिया है। इस विरोध प्रदर्शन में डा. राहुल बिष्ट, डा. नेहा, आशीष सती, अनूप थपलियाल, उदय सिंह रावत, संदीप कंडारी, चंद्रकला मंमगाई, हीरा सिंह मेहरा आदि शामिल है।
