जोशीमठ (चमोली)। चमोली जिले के जोशीमठ ब्लॉक के भंग्यूल गांव को जोड़ने वाला पैदल पुल धौली गंगा के उफान में बह गया है। यहां तपोवन-रैंणी आपदा में पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद दो माह पूर्व लोनिवि की ओर से 30 लाख की धनराशि से पुल का निर्माण किया गया था। ऐसे में पुल के बह जाने के बाद फिर भंग्यूल गांव के ग्रामीणों का देश और दुनियां से सम्पर्क टूट गया है।
चमोली में 19 मई से लगातार हो रही बारिश के चलते गुरूवार को जिले की नदियों का जल स्तर बढ गया था। ऐसे में गुरूवार रात्रि करीब नौ बजे जोशीमठ के तपोवन-रैंणी क्षेत्र में बहने वाली धौलीगंगा का जल स्तर भी बढ गया। नदी का जल स्तर बढने के चलते तपोवन-विष्णुगाड जल विद्युत परियोजन के टनल साइड के समीप बना पैदल पुल नदी के बहाव में बह गया है। जिससे यहां भंग्यूल गांव के ग्रामीणों का एक बार फिर देश और बाहरी दुनियां से सम्पर्क कट गया है। बता दें कि बीती सात फरवरी को धौलीगंगा में हुई जल प्रलय के दौरान यहां भंग्यूल गांव को जोड़ने वाला पैदल पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। जिसके बाद यहां दो माह पूर्व लोनिवि की ओर लाखों की लागत से नये पुल का निर्माण किया गया था।
धौली गंगा के बहाव से हुए भू-कटाव के चलते भंग्यूल गांव के लिये बनाया गया पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। यहां 30 लाख की लागत से पुल का निर्माण किया गया था। पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद ग्रामीणों की आवाजाही के लिये वैकल्पिक पुल का निर्माण किया जाएगा।
धन सिंह रावत, अधिशासी अभियंता, लोनिवि, गोपेश्वर।
