शेयर करें !
posted on : June 18, 2026 4:51 pm
Independence Day 2026 Greetings

गोपेश्वर (चमोली)। जन-उपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों के त्वरित, सुलभ एवं प्रभावी समाधान के लिए पौड़ी गढ़वाल में स्थापित स्थाई लोक अदालत आम नागरिकों को बिना न्यायालय में वाद दायर किए न्याय प्राप्त करने का सरल विकल्प उपलब्ध करा रही है। इसके अधिकार क्षेत्र में चमोली और रुद्रप्रयाग जनपद भी शामिल हैं।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव पुनीत कुमार ने बताया कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 22(बी) के अंतर्गत गठित स्थाई लोक अदालत में परिवहन, डाक एवं दूरसंचार, विद्युत एवं जलापूर्ति, स्वच्छता, अस्पताल, बीमा, आवास, बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं सहित विभिन्न जन-उपयोगी सेवाओं से जुड़े मामलों की सुनवाई की जाती है।

उन्होंने बताया कि संबंधित पक्ष न्यायालय जाने से पूर्व सीधे स्थाई लोक अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। यहां किसी प्रकार का न्याय शुल्क नहीं लिया जाता तथा मामलों का जल्द निस्तारण किया जाता है।

सचिव के अनुसार स्थाई लोक अदालत और उपभोक्ता फोरम के कार्यक्षेत्र में अंतर है। उपभोक्ता फोरम जहां सेवा में कमी से जुड़े मामलों की सुनवाई करता है।  स्थाई लोक अदालत सेवा में कमी के साथ-साथ प्रतिकर, धनवसूली और जन-उपयोगी सेवाओं से संबंधित शमनीय आपराधिक मामलों पर भी विचार कर सकती है।

उन्होंने बताया कि लोक अदालत पहले दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौते का प्रयास करती है। यदि समझौता नहीं हो पाता, तो मामला गुण-दोष के आधार पर तय किया जाता है। स्थायी लोक अदालत का निर्णय अंतिम और सभी पक्षों पर बाध्यकारी होता है तथा इसके विरुद्ध अपील का प्रावधान नहीं है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आमजन से जन-उपयोगी सेवाओं से संबंधित विवादों के समाधान के लिए स्थायी लोक अदालत का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की है, ताकि बिना अनावश्यक खर्च और लंबी न्यायिक प्रक्रिया के त्वरित एवं सुलभ न्याय प्राप्त किया जा सके।

हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें
शेयर करें !

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!