कर्णप्रयाग (चमोली)। कोरोना लाॅकडाउन के इस दौर में चमोली पुलिस लोगों के देवदूत साबित हो रही है। जहां एक ओर पुलिस के अधिकारी और जवान कोरोना लाॅक डाउन के समय बाजारों में मुश्तैदी से तैनात हैं। वहीं जिले में जरुरतमंदों के लिये भी पुलिस के जवान और अधिकारी मददगार बन रहे है। शुक्रवार को कर्णप्रयाग में ऐसे ही कोरोना से जान गंवाने वाले एक पूर्व सैनिक के अंतिम संस्कार की जब कोई व्यवस्था नहीं हो सकी तो पुलिस अधिकारी ने आगे बढकर एसडीआरएफ की मदद से पूर्व सैनिक का अंतिम संस्कार करवाया।
कर्णप्रयाग चिकित्सालय के चिकित्सक डा. वीपी पुरोहित ने बताया नैंणी गांव निवासी पूर्व सैनिक अशोक नैनवाल को उनके परिजनों की ओर से गुरूवार को गंभीर स्थिति में चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। जिसके बाद उनका कालेश्वर आइसोलेशन में रखकर उपचार किया जा रहा था। लेकिन इस दौरान उनकी मृत्यु होने के बाद चिकित्सालय प्रशासन की ओर से शव को एम्बूलेंस में रखकर कर्णप्रयाग पंचपुलिया पहुंचा दिया गया। लेकिन मृतक के साथ उसके परिवार के 65 वर्षीय गोविंद नैनवाल व 56 वर्षीय दिनेश नैनवाल साथ में थे। जो अधिक उम्र होने के चलते वे शव को अलकनंदा तट तक ले जाने में असमर्थ थे। ऐसे में यहां करीब पांच घंटों के इंतजार के बाद जब कर्णप्रयाग बाजार चैकी में तैनात सब इंस्पेक्टर कमल रतूड़ी को मामले की जानकारी मिली तो उन्होंने मौके पर पहुंच कर एसडीआरएफ की मदद से पूर्व सैनिक का कर्णप्रयाग अलकनंदा नदी के तट पर अंतिम संस्कार किया। ऐसे ही चमोली नारायणबगड़ में थानाध्यक्ष ध्वजवीर सिंह को बाजार में मोची का कार्य करने वाले विमला देवी और रामकिशन के घर पर खाद्यान्न खत्म होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने परिवार को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई। वहीं पुलिस की ओर से जिले बीमार और असहाय लोगों की मदद के लिये भी कार्य किये जा रहे हैं।
