गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के हिमाच्छादित क्षेत्रों में निवास करने वाले विद्युत उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से लंबित स्नो बाउंड कैटेगरी का लाभ अब सीमांतवासियों को मिलने लगा है। इस महत्वपूर्ण पहल के पीछे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव पुनीत कुमार सक्रिय भूमिका रही है।
जानकारी के अनुसार जोशीमठ क्षेत्र के निवासी व न्याय मित्र पुष्कर सिंह राणा ने विधिक सेवा प्राधिकरण के डंफूधार में आयोजित शिविर में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था। इसमें इस बात का उल्लेख किया गया था कि चमोली जिले के कई हिमाच्छादित गांवों में रहने वाले लोग लंबे समय से स्नो बाउंड श्रेणी के लाभ से वंचित हैं। सीमांतवासी इसके पात्र भी हैं।
विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष व जिला जज विंध्याचल सिंह के निर्देश पर इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए सचिव पुनीत कुमार सचिव ने त्वरित कार्रवाई की। इस मामले संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर मामले की जांच कर आवश्यक कदम उठाए गए। इसके परिणामस्वरूप उत्तराखण्ड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के विद्युत वितरण खंड गोपेश्वर द्वारा आदेश जारी कर हिमाच्छादित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के विद्युत संयोजनों को स्नो बाउंड कैटेगरी में परिवर्तित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस आदेश के अंतर्गत जोशीमठ उपखंड के अधीन गमशाली, बाम्पा, गुरगुटी, मेहरगांव, फरकिया, जुम्मा, गरपक, द्रोणागिरी और कागा को शामिल किया गया है। इसके अलावा माणा एवं बद्रीनाथ क्षेत्र के गांव भी इस लाभ के दायरे में आए हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे वर्षों से इस सुविधा की मांग कर रहे थे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही थी। ऐसे में विधिक सेवा प्राधिकरण के हस्तक्षेप ने उनकी समस्या का समाधान हो गया है। उन्होंने इस पहल के लिए प्राधिकरण और संबंधित अधिकारियों का आभार व्यक्त किया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला इस बात का उदाहरण है कि यदि आम नागरिक अपनी समस्याओं को सही मंच तक पहुंचाएं, तो उनका समाधान संभव है। विधिक सेवा प्राधिकरण की सक्रियता और संवेदनशीलता ने न केवल एक लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान किया, बल्कि अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक सकारात्मक संदेश दिया है।
