थराली (चमोली)। सड़क निर्माण के लिए दो वर्ष पूर्व पेड़ो के कटान हो जाने के बाद भी गढ़वाल व कुमाऊं को जोड़ने वाली मानमती-झलिया मोटर सड़क का निर्माण कार्य शुरू नही हो पाया हैं। जिसके चलते यातायात से वंचित चार गांवों की ग्रामीणों में सरकार के खिलाफ रोष बढ़ता जा रहा हैं। निर्माण कार्य शुरू नही होने पर ग्रामीणों ने 15 अप्रैल से जनांदोलन शुरू करने की चेतावनी दी हैं।
बता दें कि वर्ष 2000 में सरकार ने देवाल विकासखंड के अंतर्गत खेता मानमती से चोटिंग-उथतर-हरमल के बाद चमोली जिले के आखिरी गांव झलिया तक 20 किलोमीटर सड़क के निर्माण की राज्य योजना से स्वीकृति प्रदान की थी। स्वीकृति मिलने के बाद पहले कुछ सालों तक इस सड़क के समरेखण को लेकर आपस में ही ग्रामीण एक दूसरे से उलझते रहे। इसके बाद समरेखण को लेकर ग्रामीणों का आपसी विवाद सुलझाने के बाद लोनिवि थराली ने भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई की तों पिछले दो वर्ष पूर्व वन भूमि हस्तांतरण में लोनिवि को कामयाबी भी मिल गई। जिसके बाद पेड़ों की कटायी का कार्य उत्तराखंड वन निगम ने कर दिया। लेकिन अभी तक सड़का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। हरमल गांव के ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान कलावती गड़िया की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित कर 15 अप्रैल तक निमार्ण कार्य शुरू नही होने पर आंदोलन की चेतावनी दी हैं।
सड़क की डीपीआर बना कर सरकार को भेजी गई है। 17 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए वन भूमि हस्तांतरण भी हो चुकी है। लोनिवि थराली की ओर से पहले चरण के पांच किलोमीटर निर्माण कार्य के लिए डीपीआर विभाग के चीफ आॅफिस को भेजी गई थी, जहां से कुछ आपत्तियों के बाद उसे वापस भेजा गया है। दो चार दिन में आपत्तियों को निराकरण कर चीफ आॅफिस को भेजा जायेगा। स्वीकृति मिलने पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
जीतेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता लोनिवि थराली।
