गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिला मुख्यालय गोपेश्वर पैट्रोल पंप को शिफ्ट करने के लिये भूमि हस्तांरण प्रक्रिया शासन स्तर पर अटक गई है। जिसके चलते लम्बे वक्त पैट्रोल पम्प को शिफ्ट करने की मांग पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। ऐसे में यहां आये दिन पैट्रोल पम्प पर जाम की स्थिति बनी रहती है। जिससे स्थानीय लोगों के साथ ही विभागीय अधिकारियों को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पैट्रोल पंप आबादी के बीच होने के कारण कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना होने का अंदेशा बना हुआ है।
बता दें कि गोपेश्वर पैट्रोल पम्प महज 100 वर्ग मीटर भूमि पर चमोली-ऊखीमठ हाईवे पर स्थित है। यह मार्ग जहां केदारनाथ-बदरीनाथ यात्रा को मुख्य मार्ग है। वहीं सड़क जिला मुख्यालय के जिलाधिकारी, विकास भवन, जिला न्यायालय सहित अन्य कार्यालयों तक पहुंचा जाता है। लेकिन पैट्रोल पम्प पर वाहनों के खड़े करने की जगह न होने के चलते यहां सड़क पर खड़े कर ही पैट्रोल-डीजल भरवाया जाता है। जिससे यहां आये दिन जाम की स्थिति पैदा होती है। वहीं पैट्रोल पम्प के दोनों ओर घनी आबादी मौजूद है। जिससे यहां दुर्घटना की भी संभावना बनी हुई है। स्थानीय निवासी भूपेंद्र सिंह, विकास कुमार और देवेंद्र का कहना है कि नगरवासियों की मांग पर पूर्व में नये बस अड्डे के समीप भूमि का चयन कर पैट्रोल पम्प शिफ्ट करने की बात कही गई। लेकिन चयनित भूमि पर अतिक्रमण होने के बाद से मामला लटका हुआ है। जिससे वर्तमान तक समस्या जस की तस बनी हुई है।
गोपेश्वर पैट्रोल पंप को अंयत्र स्थापित करने के लिये भूमि का चयन कर जिला स्तरीय कार्रवाई कर शासन को भेजी गई है। भूमि हस्तांतरण व वित्तीय स्वीकृति उच्चाधिकारियों की ओर से मिलने के बाद पैट्रोल पम्प को शिफ्ट किया जाएगा।
संतोष गुसांई, प्रबंधक, पैट्रोल पम्प, गोपेश्वर।
