कर्णप्रयाग (चमोली)। एसबीआई आर सेटी चमोली की ओर से चमोली जिले के कर्णप्रयाग विकास खंड के कंडारा गांव में आयोजित दस दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण के समापन के अवसर पर बोलते हुए आर सेटी के निदेशक अखिलेश कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाऐं मशरूम उत्पादन को अपनी आजीविका का साधन बना सकती है। साथ ही आसपास की अन्य महिलाओं को अपने साथ जोड़कर उन्हें भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर सकती है।
कंडारा में महिला समूहों के लिए आयोजित दस दिवसयी मशरूम प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हो गया है। समापन के अवसर पर आर सेटी के निदेशक ने कहा कि मशरूम उत्पादन के लिए कम लागत और कम जगह पर महिलाऐं अपना स्वरोजगार शुरू कर सकती है। उन्होंने कहा कि मशरूम की देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी काफी मांग है। यदि हम वृहद रूप से इस कार्य को करें तो अच्छी आमदानी कमा सकते है। उन्होंने कहा कि इसके लिए बैंक से ऋण लिया जा सकता है और महिलाऐं अपने समूह के माध्यम से इसका उत्पादन कर इसको बाजार में उतार सकती है। उन्होंने कहा मशरूम में प्रोटिन की भरपूर मात्रा होने के साथ ही शाकाहारी लोगों का मनपसंद भोज्य पदार्थ है। इस मौके पर दस दिनों तक प्रशिक्षण लेने वाले प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किये गये है। कार्यक्रम में कार्यक्रम समन्वयक मुन्नी पंवार, चंद्रमोहन सिंह नेगी, गजेंद्र गैरोला आदि मौजूद थे।
