गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के मायापुर पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे में मृत और घायल श्रमिकों को न्यायसंगत मुआवजा देने की मांग को लेकर श्रमिकों ने मंगलवार को परियोजना स्थल पर जोरदार प्रदर्शन किया। फेडरेशन आफ आॅल इंडिया एचसीसी वर्कस यूनियन के आह्वान पर श्रमिकों ने परियोजना के सभी कार्यों का बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
मंगलवार को श्रमिक परियोजना स्थल पर एकत्रित हुए और जुलूस निकालकर टीएचडीसी कार्यालय पहुंचे। कार्यालय में प्रवेश को लेकर पुलिस ने श्रमिकों को रोक दिया। इस पर कुछ देर तक श्रमिकों और पुलिस के बीच बहस हुई। बाद में पुलिस की मध्यस्थता से टीएचडीसी अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया। यूनियन के एक प्रतिनिधिमंडल ने परियोजना के अधिशासी निदेशक से वार्ता की।
फेडरेशन के महासचिव सोहन कुमार ने कहा कि हादसे में मृत श्रमिकों के परिवारों और घायलों के लिए प्रबंधन की ओर से घोषित मुआवजा राशि स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों के भविष्य को देखते हुए सम्मानजनक और न्यायसंगत मुआवजा दिया जाना चाहिए।
टीएचडीसी प्रबंधन के साथ हुई वार्ता में कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। प्रबंधन ने निर्णय लेने के लिए दो दिन का समय मांगा है। यूनियन ने स्पष्ट किया कि मांगों पर ठोस निर्णय होने तक धरना और कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
श्रमिकों ने वर्ष 2021 की रैणी आपदा का उदाहरण देते हुए कहा कि उस हादसे में मृत श्रमिकों के परिवारों को एनटीपीसी की ओर से 20 लाख रुपये की सहायता के साथ बीमा राशि भी मिली थी। उनका कहना है कि विष्णुगाड़-पीपलकोटी हादसे के पीड़ित परिवारों के लिए भी मुआवजा उनकी परिस्थितियों और भविष्य को ध्यान में रखकर तय किया जाना चाहिए। यूनियन ने मृत श्रमिकों के आश्रितों को उचित मुआवजा, घायलों को चोट की गंभीरता के अनुसार आर्थिक सहायता, उपचार एवं पुनर्वास की समुचित व्यवस्था तथा परियोजना में सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की मांग की है।
श्रमिकों ने चेतावनी दी कि यदि दो दिन के भीतर टीएचडीसी प्रबंधन ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन में पवन खंडूरी, शेखर गोस्वामी, गोपाल नेगी, सौरव डंडरियाल, पंकज पुरोहित, समीर शाह, प्रवीण हटवाल, ललित कुलसारी, हरेंद्र कुमार, सूरज कुमार समेत बड़ी संख्या में श्रमिक और यूनियन पदाधिकारी मौजूद रहे।
