थराली (चमोली)। जहां एक ओर प्रदेश सरकार की ओर से कोरोना के संक्रमण के दौर में ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के चाकचैबंद किये जाने के दावे किये जा रहे है। वहीं चमोली जिले के देवाव ब्लाॅक के दूरस्थ क्षेत्र बोरागाड के अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र में पिछले छह माह से डाक्टर व फार्मेसिस्ट की तैनाती न होने से केंद्र पर ताले पड़े हुए है। जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों को कोरोना के इस संक्रमण की घड़ी में स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ओडर-लिंगडी के क्षेत्र पंचायत सदस्य पान सिंह गडिया का कहना है कि ग्रामीणों ने अपनी भूमि देकर उपलब्ध करवा कर जिसमें एक करोड से अधिक की लागत से बोरागाड में अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र संचालित हो रहा था। एक फार्मेसिस्ट के भरोसे लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा था लेकिन छह सात माह पूर्व यहां तैनात फार्मेसिस्ट की आकस्मिक मृत्यु हो जाने के बाद से यहां पर स्वास्थ्य विभाग की और से न तो चिकित्सक और ना ही फार्मेसिस्ट की तैनाती की गई जिससे अब इस स्वास्थ्य केंद्र के भवन पर ताले लटके हुए है।
उन्होंने बताया कि बीते मार्च माह में देवाल के ब्लाक प्रमुख दर्शन दानू के साथ मिलकर उन्होंने जिला मुख्यालय गोपेश्वर में मुख्य चिकित्साधिकारी से भेंट कर ज्ञापन सौंपकर बोरागाड में चिकित्सक व फार्मसिस्ट की नियुक्ति की मांग की थी जिस पर सीएमओ ने अप्रैल माह तक एक पद पर नियुक्ति का आश्वासन दिया था। किंतु वर्तमान तक दोनों रिक्त पदों में से एक पर भी तैनाती नहीं हो पायी है। जिससे क्षेत्र के 46 से अधिक गांवों के ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं से वचिंत हो रखे है। उनका कहना था कि कोरोना के संक्रमण काल में जहां गांवों में वायरल बुखार तेजी के साथ पैर पसार रहा है ऐसे में ग्रामीणों को एक दवा की गोली के लिए कई-कई किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है जो कि सरकार की नाकामयाबी को दर्शाता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के शीघ्र डाक्टर व फार्मेसिस्ट की तैनाती किये जाने की मांग की है।
शैलेंश्वर स्वास्थ्य केंद्र से एक चिकित्सक की तैनाती का आदेश बोरागाड स्वास्थ्य केंद्र में तैनाती के लिए बनाया जा रहा है। सोमवार अथवा मंगलवार तक बोरागाड में चिकित्सक की तैनाती हो जायेगी।
डा. एमएस खाती, प्रभारी सीएमओ जिला चिकित्सालय गोपेश्वर, चमोली।
