गौचर (चमोली)। उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ की सोमवार को गौचर में आयोजित बैठक में सरकार से मांग की है कि विद्यालयों का विलयीकरण शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत किया जाए ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके।
संघ के अध्यक्ष दिगम्बर सिंह नेगी का कहना है कि सरकार की ओर से प्राथमिक विद्यालयों में पांच शिक्षकों की तैनाती का निर्णय लिया गया है जो स्वागत योग्य है। लेकिन विद्यालयों का विलयीकरण किया जाना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। आरटीई में जो नियम विलयीकरण के लिए किये गये है वह शहरी क्षेत्रों में सुगम हो सकते है लेकिन विषम भौगोलिक परिस्थिति वाले ग्रामीणों क्षेत्रों में यह व्यवस्था बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं है। साथ ही उनके संगठन की मांग है कि जूनियर स्तर पर विषय अध्यापकों के अध्यापकों के पद रिक्त चल रहे है उन्हें पदोन्नति से भरा जाए ताकि बच्चों की पढाई पर इसका विपरित असर न पड़े। उन्होंने कहा कि उनका संगठन पारस्परिक स्थानातंरण की नीति को पूर्वत रखने की मांग करता है ताकि शिक्षा सत्र में किसी भी समय पारस्परिक स्थानांतरण हो सकें। उन्होंने सरकार से कोविड नियमों के तहत प्राथमिक विद्यालयों को खोले जाने की भी मांग की है। बैठक में प्रांतीय उपाध्यक्ष यदुवीर सिंह बिष्ट, महिपाल सिंह चैहान, जगदीश रावत, पानू चैहान, सुशील राज, रणजीत सिंह, ताजबर सिंह, मोहन रावत आदि मौजूद थे।
